नाज़ुक, स्वप्निल और शिल्प विरासत में गहराई से समाई हुई - महीन मलमल के सूती कपड़े पर बनी यह बेज रंग की चिकनकारी साड़ी कालातीत लालित्य का प्रतीक है। जटिल धागों के काम और बिखरे हुए सेक्विन हाइलाइट्स के साथ हाथ से कढ़ाई किए गए सफ़ेद फूलों के रूपांकनों से सजी यह साड़ी अलौकिक सुंदरता बिखेरती है। इसका किनारा और पल्लू चिकनकारी कढ़ाई के बारीक डिज़ाइनों से सजे हैं जो लखनऊ की कलात्मक विरासत की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। पंख जैसी हल्की और हवादार, यह साड़ी गर्मियों की पार्टियों, मंदिर समारोहों या विरासत समारोहों के लिए आदर्श है।